ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 5353.6वाल्मीकि रामायण 53.6पौरकार्याणि यो राजा न करोति दिने दिने । संवृते नरके घोरे पतितो नात्र संशयः ।। ७.५३.६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय