ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 5151.20वाल्मीकि रामायण 51.20इति शप्तो महातेजा भृगुणा पूर्वजन्मनि । इहागतो हि पुत्रत्वं तव पार्थिवसत्तम ।। ७.५१.२० ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय