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वाल्मीकि रामायण 50.6

पुरा रामः पितुर्वाक्याद्दण्डके विजने वने ।
उषित्वा नव वर्षाणि पञ्च चैव महावने ।। ७.५०.६ ॥

पूरा अध्याय