ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 4949.22वाल्मीकि रामायण 49.22स्नुषा दशरथस्यैषा जनकस्य सुता सती । अपापा पतिना त्यक्ता परिपाल्या मया सदा ।। ७.४९.२२ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय