Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 4.18

विद्युत्केशो हेतिपुत्रः स दीप्तार्कसमप्रभः ।
व्यवर्धत महातेजास्तोयमध्य इवाम्बुदः ।। ७.४.१८ ॥

पूरा अध्याय