ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3636.37वाल्मीकि रामायण 36.37अथर्क्षरजसो नाम वालिसुग्रीवयोः पिता । सर्ववानरराजा ऽ ऽसीत्तेजसा भास्करप्रभः ।। ७.३६.३७ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय