ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3232.66वाल्मीकि रामायण 32.66व्याघ्रो मृगमिवादाय मृगराडिव दन्तिनम् । ननाद हैहयो राजा हर्षादम्बुदवन्मुहुः ।। ७.३२.६६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय