ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3131.33वाल्मीकि रामायण 31.33अहमप्यद्य पुलिने शरदिन्दुसमप्रभे । पुष्पोपहारं शनकैः करिष्यामि कपर्दिनः ।। ७.३१.३३ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय