ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 33.9वाल्मीकि रामायण 3.9स तु वैश्रवणस्तत्र तपोवनगतस्तदा । अवर्धताहुतिहुतो महातेजा यथानलः ।। ७.३.९ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय