ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 2828.16वाल्मीकि रामायण 28.16ततस्तद्दैवतबलं समन्तात्तं शचीसुतम् । बहुप्रकारमस्वस्थमभवच्छरपीडितम् ।। ७.२८.१६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय