ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 2727.9वाल्मीकि रामायण 27.9तद्यथा नमुचिर्वृत्रो बलिर्नरकशम्बरौ । त्वद्बलं समवष्टभ्य मया दग्धास्तथा कुरु ।। ७.२७.९ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय