ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 2424.26वाल्मीकि रामायण 24.26सा बाष्पपरिरुद्धाक्षी रक्ताक्षी वाक्यमब्रवीत् । कृता ऽस्मि विधवा राजंस्त्वया बलवता बलात् ।। ७.२४.२६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय