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वाल्मीकि रामायण 22.6

ततो लोकत्रयं क्षुब्धमकम्पन्त दिवौकसः ।
कालं दृष्ट्वा तथा क्रुद्धं सर्वलोकभयावहम् ।। ७.२२.७ ॥

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