Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 20.3

नारदस्तु महातेजा देवर्षिरमितप्रभः ।
अब्रवीन्मेघपृष्ठस्थो रावणं पुष्पके स्थितम् ।। ७.२०.३ ॥

पूरा अध्याय