ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 2020.23वाल्मीकि रामायण 20.23मया हि भगवन्क्रोधात्प्रतिज्ञातं रणार्थिना । अवजेष्यामि चतुरो लोकपालानिति प्रभो ।। ७.२०.२४ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय