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वाल्मीकि रामायण 19.21

ततो राक्षसराजेन क्रुद्धेन नृपतिस्तदा ।
तलेनाभिहतो मूर्ध्नि स रथान्निपपात ह ।। ७.१९.२२ ॥

पूरा अध्याय