ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 1616.7वाल्मीकि रामायण 16.7अथवा पुष्पकमिदं धनदान्नान्यवाहनम् । अतो निष्पन्दमभवद्धनाध्यक्षविनाकृतम् ।। ७.१६.७ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय