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वाल्मीकि रामायण 14.9

स दृष्ट्वा तादृशं सैन्यं दशग्रीवो निशाचरः ।
हर्षनादान्बहून्कृत्वा स क्रोधादभ्यधावत ।। ७.१४.९ ॥

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