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वाल्मीकि रामायण 13.34

एवमुक्तो दशग्रीवः क्रुद्धसंरक्तलोचनः ।
हस्तौ दन्तांश्च सम्पीड्य वाक्यमेतदुवाच ह ।। ७.१३.३४ ॥

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