Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 11.36

दीयतां नगरी लङ्का पूर्वं रक्षोगणोषिता ।
मयात्र यदनुष्ठेयं तन्ममाचक्ष्व सुव्रत ।। ७.११.३६ ॥

पूरा अध्याय