ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 108108.30वाल्मीकि रामायण 108.30किञ्चान्यद्वक्तुमिच्छामि राक्षसेन्द्र महामते । । ७.१०८.३० ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय