ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 104104.14वाल्मीकि रामायण 104.14यदि भूयो महाराज प्रजा इच्छस्युपासितुम् । वस वा वीर भद्रं त एवमाह पितामहः ।। ७.१०४.१४ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय