Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 100.12

तान्विनिर्जित्य काकुत्स्थ गन्धर्वनगरं शुभम् ।
निवेशय महाबोहो स्वे पुरे सुसमाहिते ।। ७.१००.१२ ॥

पूरा अध्याय