ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9999.17वाल्मीकि रामायण 99.17स तु क्रुद्धो महावेगो महापार्श्वो महाद्युतिः। करेणैकेन जग्राह सुमहान्तं परश्वधम् ।। ६.९९.१७ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय