ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9898.14वाल्मीकि रामायण 98.14रक्षसा तेन बाणौघैर्निकृत्ता सा सहस्रधा। निपपात शिला भूमौ गृध्रचक्रमिवाकुलम् ।। ६.९८.१४ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय