ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9797.25वाल्मीकि रामायण 97.25स तदा सहसोत्पत्य राक्षसस्य महाहवे। मुष्टिं संवर्त्य वेगेन पातयामास वक्षसि ।। ६.९७.२५ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय