ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9797.19वाल्मीकि रामायण 97.19स तु प्रहाराभिहतः सुग्रीवेण महागजः। अपासर्पद्धनुर्मात्रं निषसाद ननाद च ।। ६.९७.१९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय