ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9494.18वाल्मीकि रामायण 94.18ततो रामो महातेजा धनुरादाय वीर्यवान्। प्रविश्य राक्षसं सैन्यं शरवर्षं ववर्ष ह ।। ६.९४.१८ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय