ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9292.8वाल्मीकि रामायण 92.8साधु लक्ष्मण तुष्टो ऽस्मि कर्मणा सुकृतं कृतम्। रावणेर्हि विनाशेन जितमित्युपधारय ।। ६.९२.८ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय