Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 92.5

निष्टनन्निव चागम्य राघवाय महात्मने।
आचचक्षे तदा वीरो घोरमिन्द्रजितो वधम् ।। ६.९२.५ ।।

पूरा अध्याय