ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9191.85वाल्मीकि रामायण 91.85शान्तरश्मिरिवादित्यो निर्वाण इव पावकः। स बभूव महातेजा व्यपास्तगतजीवितः ।। ६.९१.८५ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय