ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 99.21वाल्मीकि रामायण 9.21पुरा शरत् सूर्य मरीच्चि सम्निभान् । नव अग्र पुन्खान् सुदृढान् नृप आत्मजः ।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय