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वाल्मीकि रामायण 88.35

उभावपि सुविक्रान्तौ सर्वशस्त्रास्त्रकोविदौ।
उभौ परमदुर्जेयावतुल्यबलतेजसौ ।। ६.८८.३५ ।।

पूरा अध्याय