ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 8888.3वाल्मीकि रामायण 88.3महाप्रमाणमुद्यम्य विपुलं वेगवद्दृढम्। धनुर्भीमं परामृश्य शरांश्चामित्रशातनान् ।। ६.८८.३ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय