ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 8484.7वाल्मीकि रामायण 84.7हतामिन्द्रजिता सीतामिह श्रुत्वैव राघवः। हनुमद्वचनात् सौम्य ततो मोहमुपागतः ।। ६.८४.७ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय