ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 8383.43वाल्मीकि रामायण 83.43उत्तिष्ठ नरशार्दूल दीर्घवाहो दृढव्रत। किमात्मानं महात्मानमात्मानं नावबुध्यसे ।। ६.८३.४३ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय