Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 83.37

अर्थस्यैते परित्यागे दोषाः प्रव्याहृता मया।
राज्यमुत्सृजता वीर येन बुद्धिस्त्वया कृता ।। ६.८३.३७ ।।

पूरा अध्याय