ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 8181.9वाल्मीकि रामायण 81.9स ददर्श हतानन्दां सीतामिन्द्रजितो रथे। एकवेणीधरां दीनामुपवासकृशाननाम् ।। ६.८१.९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय