ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7878.15वाल्मीकि रामायण 78.15परिवार्य महाकाया महाकायं खरात्मजम्। अभिजग्मुस्ततो हृष्टाश्चालयन्तो वसुन्धराम् ।। ६.७८.१५ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय