ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7777.22वाल्मीकि रामायण 77.22निक्षिप्य परमायत्तो निकुम्भं निष्पिपेष ह। उत्पत्य चास्य वेगेन पपातोरसि वीर्यवान् ।। ६.७७.२२ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय