ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7777.18वाल्मीकि रामायण 77.18स तु तेन प्रहारेण निकुम्भो विचचाल ह। स्वस्थश्चापि निजग्राह हनुमन्तं महाबलम् ।। ६.७७.१८ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय