ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7777.1वाल्मीकि रामायण 77.1निकुम्भो भ्रातरं दृष्ट्वा सुग्रीवेण निपातितम्। प्रदहन्निव कोपेन वानरेन्द्रमवैक्षत ।। ६.७७.१ ।।अगलापूरा अध्याय