Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 76.8

शोणिताक्षस्ततः क्षिप्रमसिचर्म समाददे।
उत्पपात दिवं क्रुद्धो वेगवानविचारयन् ।। ६.७६.८ ।।

पूरा अध्याय