ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7676.23वाल्मीकि रामायण 76.23बाहुं चास्य सनिस्त्रिंशमाजघान स मुष्टिना। वालिपुत्रस्य घातेन स पपात क्षितावसिः ।। ६.७६.२३ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय