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वाल्मीकि रामायण 76.21

उद्यम्य विपुलं खड्गं परमर्मनिकृन्तनम्।
प्रजङ्घो वालिपुत्राय अभिदुद्राव वेगितः ।। ६.७६.२१ ।।

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