Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 76.12

आयसीं तु गदां वीरः प्रगृह्य कनकाङ्गदः।
शोणिताक्षः समाविध्य तमेवानुपपात ह ।। ६.७६.१२ ।।

पूरा अध्याय