Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 73.59

सूर्याननं ज्योतिमुखं तथा दधिमुखं हरिम्।
पावकाक्षं नलं चैव कुमुदं चैव वानरम् ।। ६.७३.५९ ।।

पूरा अध्याय