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वाल्मीकि रामायण 73.24

तस्मिन्नाहूयमाने ऽस्त्रे हूयमाने च पावके।
सार्धं ग्रहेन्दुनक्षत्रैर्वितत्रास नभःस्थलम् ।। ६.७३.२४ ।।

पूरा अध्याय