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वाल्मीकि रामायण 73.15

ततस्त्विन्द्रजिता लङ्का सूर्यप्रतिमतेजसा।
रराजा प्रतिवीरेण द्यौरिवार्केण भास्वता ।। ६.७३.१५ ।।

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