ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7171.49वाल्मीकि रामायण 71.49सौमित्रेश्चापनिर्घोषं श्रुत्वा प्रतिभयं तदा। विसिष्मिये महातेजा राक्षसेन्द्रात्मजो बली ।। ६.७१.४९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय